सेक्युलर डेमोक्रेटिक सिस्टम की स्थापना में सभी धर्मों ने खास भूमिका निभाई: आफ़ाक़
सेक्युलर डेमोक्रेटिक सिस्टम की स्थापना में सभी धर्मों ने खास भूमिका निभाई: आफ़ाक़
रिज़वान मुनीर/ संवादाता रिपब्लिक रेनेसाँ
लखनऊ: राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के कन्वीनर मुहम्मद आफ़ाक़ ने एक बयान में कहा कि आज़ाद भारत के इतिहास में दो दिन बहुत अहम हैं। एक वो दिन जिस दिन हमें अंग्रेजों की गुलामी से आज़ादी मिली, जिसे हम 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाते हैं। और दूसरा वो दिन जिसे हम रिपब्लिक डे के नाम से जानते हैं, जिस दिन हमारे देश के लोगों ने अपने लिए एक कानून लागू किया। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद सबसे बड़ा मुद्दा यह उठा कि देश का संविधान क्या हो? आज़ादी के बाद देश में सेक्युलर डेमोक्रेटिक सिस्टम की स्थापना में सभी धर्मों ने खास भूमिका निभाई। भारतीय डेमोक्रेटिक सिस्टम एक बेहतरीन सिस्टम है जिसमें अलग-अलग विचारों, विचारधाराओं, और सभ्यताओं के लोग रहते हैं और यही विविधता और रंग इस जगह की पहचान है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे इस देश की सुरक्षा और विकास के बारे में चिंता करें और कोशिश करें कि कोई भी हमारे देश पर बुरी नज़र न डाले ताकि देश में जो अशांति और बेचैनी हम महसूस कर रहे हैं, वह न हो। उन्होंने कहा कि देश के दुश्मन कभी नहीं चाहेंगे कि भारत में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई एक हों, जिसे हम कभी कामयाब नहीं होने देंगे। आखिर में उन्होंने कहा कि हम सभी को 26 जनवरी से पहले अपने घरों, दुकानों और संस्थानों में तिरंगा झंडा फहराकर गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी करनी चाहिए।
admin