जमीनी विवाद में महिलाओं से मारपीट, कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार दर-दर भटकने को मजबूर

जमीनी विवाद में महिलाओं से मारपीट, कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार दर-दर भटकने को मजबूर

जमीनी विवाद में महिलाओं से मारपीट, कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार दर-दर भटकने को मजबूर


थाना पनवाड़ी क्षेत्र के गौन गुढ़ा गांव का मामला, पुलिस पर उदासीनता के आरोप

दैनिक रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा 

पनवाड़ी (महोबा)।
थाना पनवाड़ी क्षेत्र के गौन गुढ़ा गांव में जमीनी विवाद को लेकर महिलाओं के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि भूमि विवाद के चलते दबंगों ने महिलाओं के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट भी की, जिससे उन्हें शारीरिक चोटें आईं और मानसिक आघात का भी सामना करना पड़ा।
पीड़ित अशोक पुत्र जागेश्वर प्रजापति एवं संगीता प्रजापति ने बताया कि उनका गांव के कुछ लोगों से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने एकजुट होकर महिलाओं को निशाना बनाया और उनके साथ मारपीट की। घटना के दौरान महिलाओं को गंभीर चोटें आईं, जिससे पूरे परिवार में भय और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया।
पीड़ितों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने थाना पनवाड़ी पहुंचकर लिखित शिकायत दी, साथ ही संबंधित उच्च अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया, लेकिन इसके बावजूद अब तक न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई। कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले और अधिक बुलंद हो गए हैं, जिससे पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
पीड़ित परिवार ने बताया कि न्याय की आस में वे लगातार पुलिस थाने और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इससे उनका मानसिक, आर्थिक और सामाजिक शोषण बढ़ता जा रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो स्थिति इतनी गंभीर न होती।
इस घटना को लेकर गांव के अन्य ग्रामीणों में भी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में कोई बड़ी और अप्रिय घटना घट सकती है। लोगों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक महोबा एवं अन्य उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।