25 साल, एक ही ब्लॉक और सवालों का पहाड़, कौन है कथित अरबपति है जेई सुंदरलाल
25 साल, एक ही ब्लॉक और सवालों का पहाड़, कौन है कथित अरबपति है जेई सुंदरलाल
25 साल, एक ही ब्लॉक और सवालों का पहाड़, कौन है कथित अरबपति है जेई सुंदरलाल? जिसे बोलने वाले खुद हो जाते हैं चुप,
अर्पित शुक्ला, सीतापुर
जनपद सीतापुर के विकास खंड पहले में तैनात जूनियर इंजीनियर सुंदरलाल इन दोनों क्षेत्र में चर्चा और सवालों के केंद्र में है मामला सिर्फ आरोपी का नहीं, बल्कि उसे रहस्य में छुपी का है जो उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ जुड़ जाती है, बीते करीब 25 वर्षों से एक ही ब्लॉक में तैनाती ने सुंदरलाल को एक समान कर्मचारी से कहीं अधिक प्रभावशाली बना दिया है
खेत में आम चर्चा है कि सरकारी बदलती हैं अधिकारी बदले लेकिन सुंदरलाल जूनियर इंजीनियर अपनी कुर्सी पर जस के तस बन रहे, इसी वजह से स्थानीय लोग अब उन्हें कथित अरबपति कहकर संबोधित करने लगे हैं,
या मामला तब और भी गंभीर हो गया जब ग्राम पारा परसादीपुर निवासी सतीश चंद्र पुत्र छोटेलाल करने ने मुख्यमंत्री कार्यालय सहित उच्च अधिकारियों को भेजी गई शिकायत में सुंदरलाल पर भुगतान में हेरा फेरी कमीशन खोरी और दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए,
शिकायत के अनुसार पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों का भुगतान करीब चार माह तक रोका गया बाद में भुगतान हुआ तो उसमें से कथित रूप से बिना सहमति के से इंटरप्राइजेज सीताराम इंटरप्राइजेज और गुप्ता ट्रेडर्स जैसी प्रमुख को लाखों रुपए दिलवाए गए,
आप है कि अतिरिक्त कमिश्नर की मांग की गई और इनकार करने पर
बैंक खताओं पर रोक,
भुगतान अटकाने
थानों में शिकायतें
पुलिस के माध्यम से दबाव जैसे हथकंडे अपनी गए,
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इससे पहले भी कई लोगों ने सुंदरलाल के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की लेकिन कुछ ही समय बाद भी या तो पीछे हट गए या पूरी तरह खामोश हो गए,। क्षेत्र में लोग पूजा कर कहते हैं पता नहीं ऐसा क्या होता है कि बोलने वाला खुद ही खामोश हो जाता है।
सूत्रों के अनुसार मनरेगा पंचायत विकास वी एन निर्माण कार्य में कथित बंदरबन से जुड़े आप वर्षों से लगाए जाते रहे हैं। मनपसंद फर्मों को कम दिलाना और विरोध करने वालों पर दबाव बनाना खेत में एक स्थापित पैटर्न बनता जा रहा है।
संपत्ति जांच की भी मांग उठाई गई
सूत्रों का दावा है कि सुंदरलाल ने अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर बड़े पैमाने पर संपत्तियों और व्यावसायिक खड़े किएहैं लखनऊ में ज्वेलरी कारोबार फतेहपुर में कोल्ड स्टोरेज सहित कई संपत्तियों की चर्चा आम है जिसकी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे प्रकरण कि जनपद से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी या विजिलेंस विभाग से जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके,
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार आरोपी की प्रतीक खुलेंगे या फिर या मामला भी फाइलों में दब कर रह जाएगा,
admin