भारतीय संस्कृति के मूल्यों को बनाए रखने में भाजपा पूरी तरह विफल
भारतीय संस्कृति के मूल्यों को बनाए रखने में भाजपा पूरी तरह विफल
माघ मेले में 'संतों के अपमान' पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरा
सुधीर श्रीवास्तव
ब्यूरो रिपब्लिक रेनैसां
लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार पर सनातन धर्म की परंपराओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। सपा प्रमुख ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तथा अन्य सभी संत हमारे लिए पूज्य एवं गर्व का विषय हैं। प्रमुख धार्मिक आयोजनों के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से भक्तगण उनका आशीर्वाद लेने के लिए पहुँचते हैं। यह कोई नई बात नहीं है। यह तो स्वाभाविक है कि ऐसे अवसर पर लोग ऐसे संतों के पास एकत्र होते हैं और उनका दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को सफल करने का प्रयास करते हैं। उधर प्रशासन का यह कहना है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मेला प्रशासन से बिना पूर्व अनुमति के आए इस प्रकार शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्थापित परंपराओं का उल्लंघन किया है। माघ मेला के अवसर पर काफी श्रद्धालु आते हैं उनके लिए बैरीकेटिंग की व्यवस्था की जाती है। अचनाक बिना अनुमति के शंकराचार्य अपने दो सौ से अधिक अनुयायियों के साथ मेला परिसर में आए उनके अनुयायियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और लगभग तीन घंटे तक वापसी मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे आम श्रद्धालुओं को असुविधा हुई और सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो गया। इस पर सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार और प्रयागराज प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह तो संतों की प्राचीन सनातन परंपरा रही है और भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार इस परम्परा को तोड़ने की कुचेष्टा कर रही है। वह जानबूझकर संतो का अपमान कर रही है। भाजपा भारतीय संस्कृति के मूल्यों को बनाए रखने में पूरी तरह से विफल है।
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