स्वयं सहायता समूह बनेंगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ - केशव प्रसाद मौर्य

स्वयं सहायता समूह बनेंगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ - केशव प्रसाद मौर्य

स्वयं सहायता समूह बनेंगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ - केशव प्रसाद मौर्य

लखपति दीदी से विकसित भारत तक : उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सीडीओ संग विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा

रामकृष्ण मिश्रा / ब्यूरो रिपब्लिक रैऺनैसां

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में योजना भवन में सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। इससे पहले उन्होने  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में दुखद निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा मीटिंग मे सभी ने दो मिनट मौन रखकर शोक प्रकट किया गया।  उन्होंने पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियो को निर्देश दिये कि  उत्तर प्रदेश मे 3 करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है और एक करोड़ दीदियो को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेरणा कैंटीन का आकार बढ़ाया जाएगा और उत्पादों को बेचने के लिए अन्य प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ब्लॉक परिसरों में खाली जगह में स्टॉल दीदियों को उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे व्यापार कर आमदनी बढ़ा सकें।उन्होंने कहा कि एक जनपद- एक उत्पाद की तरह अब एक जनपद - एक व्यंजन योजना भी शुरू की गई है, जिसके तहत प्रत्येक जिले में  समूह की दीदियो द्वारा एक दुकान,  कैन्टीन खोलने की प्लानिग की जाय, जिसमे ऐसी दुकान की व्यवस्था की जाय,जहां सभी 75 जिलों के उत्पाद और व्यंजन उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश यूरोपीय संघ के साथ भारत के खुले व्यापार समझौते का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि उत्तर प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद भी यूरोप के बाजारों में बेचे जा सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग की  पीएम एफ एम ई योजना तहत 826 विकास खंडों में 5 करोड़ रुपये की लागत वाली इकाइयां स्थापित करने की कार्यवाही की जाय, जिनमें 35 प्रतिशत सब्सिडी और 90 प्रतिशत सौर ऊर्जा सब्सिडी का प्राविधान है।उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में 80,000 महिलाएं बल्नी दुग्ध प्रोड्यूसर कंपनी के साथ जुड़ी हुई हैं, प्रदेश मे ऐसी 5 मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनियां हैं, ऐसी कंपनियां सभी मंडलों में स्थापित की जाने की कार्यवाही की जाय। कहा कि प्रत्येक विकास खण्ड मे 25 हजार महिलाओ को स्वयं सहायता समूहो से जोड़ना है । कहा कि 75 जिलो मे कम से कम 75 लाख लखपति दीदी का लक्ष्य निर्धारित करें। एक जिले मे 100 दीदियो को करोड़पति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाय।समूहो के माध्यम से स्कूली ड्रेस बनवाने के प्रयास किये जांय और कहा कि शिक्षा विभाग से समन्वय कराकर अभिभावक गण ड्रेस खरीद सकते है, इसमे गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय। कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस में नई दिल्ली में कर्त्तव्य पथ पर आयोजित परेड कार्यक्रम मे विशेष अतिथि के रूप मे 14 लखपति दीदियो ने प्रतिभाग किया है। ऐसा काम करे कि अगली बार प्रदेश के हर जिले से लखपति दीदी इस आयोजन की सहभागी बनें।  बैठक में राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विभाग श्रीमती विजयलक्ष्मी गौतम, महानिदेशक राज्य ग्राम्य विकास संस्थान एल वेंकटेश्वर लू ने भी अपने विचार प्रकट किये। मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन ने सभी का स्वागत करते हुए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग गौरीशंकर प्रियदर्शी, विशेष सचिव ग्राम्य विकास विभाग जयनाथ, संयुक्त मिशन निदेशक जन्मेजय शुक्ला सहित अन्य अधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी गण मौजूद रहे