किसानों और युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहा मशरूम
किसानों और युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहा मशरूम
उत्पादन प्रशिक्षण, 27 जनवरी से शुरू होगा चौथा बैच
मुश्ताक अली ब्यूरो चीफ
झांसी। किसानों और युवाओं को स्वरोज़गार की दिशा में सशक्त बनाने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के मशरूम प्रयोगशाला एवं उद्यमिता केंद्र में मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कम लागत में अधिक आय के अवसर उपलब्ध करा रहा है।
केंद्र में वर्तमान में 11 प्रकार के उन्नत मशरूम उपलब्ध हैं, इन पर प्रशिक्षण प्राप्त कर किसान भाई वर्ष भर उत्पादन कर सकते हैं और अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित तीन माह का प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) कोर्स मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में स्वरोज़गार को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कोर्स का चौथा बैच 27 जनवरी 2026 से प्रारंभ किया जा रहा है।
अब तक इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से 35 किसान, युवा एवं उद्यमी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जो आज सफलतापूर्वक मशरूम उत्पादन कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के ललितपुर, जालौन, झांसी, हमीरपुर, मथुरा, बांदा, कानपुर, बबीना तथा मध्य प्रदेश के दतिया, मुरैना, ग्वालियर और शिवपुरी जिलों से किसान, उद्यमी और स्नातक स्तर के युवा सहभागिता कर रहे हैं। प्रमुख प्रतिभागियों में भान सिंह (किसान, ओरछा), निखिल (छात्र, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय), शिवकुमार (उद्यमी) एवं नीरज श्रीवास (किसान) शामिल हैं।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि “मशरूम उत्पादन कम पूंजी में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य किसानों और युवाओं को वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।”
वहीं मशरूम वैज्ञानिक डॉ. शुभा त्रिवेदी ने बताया कि “मशरूम उत्पादन सीमित स्थान में भी सफलतापूर्वक किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण एवं विपणन की भी व्यावहारिक जानकारी दी जाती है, ताकि वे इसे एक सफल उद्यम के रूप में स्थापित कर सकें।”
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्र के किसानों एवं युवाओं के लिए आय संवर्धन और स्वरोज़गार का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है। इच्छुक किसान एवं अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट अथवा विश्वविद्यालय परिसर में संपर्क कर प्रशिक्षण से जुड़ सकते हैं।
admin