पाइपलाइन चोक होने से पनवाड़ी की आधी आबादी पानी को तरसी, एक सप्ताह से बूंद-बूंद के लिए भटक रहे लोग

पाइपलाइन चोक होने से पनवाड़ी की आधी आबादी पानी को तरसी, एक सप्ताह से बूंद-बूंद के लिए भटक रहे लोग

पाइपलाइन चोक होने से पनवाड़ी की आधी आबादी पानी को तरसी, एक सप्ताह से बूंद-बूंद के लिए भटक रहे लोग

दैनिक रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा 


पनवाड़ी (महोबा)।
कस्बा पनवाड़ी में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। मेन पाइपलाइन चोक हो जाने के कारण कस्बे की लगभग आधी आबादी बीते एक सप्ताह से बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि काजीपुरा, तालाब मोहल्ला, शेखूपुरा, तिवारीपुरा, मेन बाजार, मंडी क्षेत्र सहित कई इलाकों के कनेक्शनधारियों की टोटियों से एक बूंद पानी भी नहीं आ रहा है। इससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
पेयजल संकट के चलते सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। शनिवार को हालात से त्रस्त महिलाएं खाली डिब्बे, बाल्टी और गैलन लेकर घरों से बाहर निकलीं और मीडिया के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की। महिलाओं का कहना था कि एक सप्ताह से पाइपलाइन में पानी नहीं आ रहा, जिससे पीने, खाना बनाने और बच्चों की जरूरतें पूरी करने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। मजबूरी में लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है या निजी संसाधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जल संकट की जानकारी कई बार जल संस्थान को दी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। जब इस संबंध में जल संस्थान के सुपरवाइजर पवन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पाठकपुरा क्षेत्र में मेन पाइपलाइन चोक हो जाने के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। लाइन को खुलवाने का कार्य शुरू कर दिया गया है और मजदूरों द्वारा खुदाई कर पाइपलाइन की मरम्मत की जा रही है।
सुपरवाइजर पवन ने आश्वासन दिया कि उनकी देखरेख में कार्य तेजी से कराया जा रहा है और संभावना है कि शाम तक लाइन जोड़ दी जाएगी, जिससे कस्बे में पानी की आपूर्ति सुचारू हो सकेगी। वहीं, स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए पाइपलाइन की नियमित जांच और रखरखाव किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।