प्रदेश की योगी सरकार ने ईंट-भट्ठा संचालकों को दी बड़ी राहत
प्रदेश की योगी सरकार ने ईंट-भट्ठा संचालकों को दी बड़ी राहत
कैबिनेट की बैठक में उ. प्र. ईंट भट्ठा प्रथम संशोधन नियमावली 2026 को स्वीकृति
सुधीर श्रीवस्तव
ब्यूरो/ रिपब्लिक रेनैसां
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा स्थापना के लिए स्थल मापदंड, प्रथम संशोधन नियमावली 2026 को स्वीकृति प्रदान कर दी है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई कैबिनेट की बैठक में इसे स्वीकृति प्रदान की गई। ईंट-भट्ठों को लेकर प्रदेश में वर्ष 2012 में एक नियमावली बनी थी। इसके नियमावली के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के लगभग 6500 ईंट भट्ठे अवैध घोषित कर दिए गये थे। वर्तमान में हुए संशोधन के बाद अब प्रदेश में चार हजार ईंट-भट्ठे वैध हो सकेंगे। इससे सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी और पचास हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार का लाभ मिल सकेगा।
जो ईंट भटठे वर्ष 2012 या उसके पूर्व से संचालित हैं और वह सम्बन्धित किसी सरकार विभाग से अनापत्ति प्रमाण, पंजीकरण, प्रदूषण नियंत्रण, जिला प्रशासन की अनुमति आदि मानकों की पूर्ति करते हैं, उन्हें ही इस नियमावली का लाभ मिल सकेगा और उन ईंट-भटठों का अब संचालन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त संचालित 6500 ईंट भट्ठे जो निर्धारित मानकों के अन्तर्गत नहीं आते हैं उन्हें अवैध घोषित कर दिया जाएगा। वर्तमान में जारी नियमावली में भट्ठे के चारों ओर हरित पट्टी, तीन मीटर ऊंची दीवार तथा दो एकड़ क्षेत्रफल का स्थान आवश्यक है। पूर्व नियमावली में नए भट्ठों का निर्माण रिहायशी इलाकों तथा शैक्षणिक संस्थानों से एक किमी की दूरी पर लगाए जा सकते थे परन्तु सरकार ने इसमें संशोधन कर अब दूरी 800 मीटर कर दी है। यह भी एक भट्ठा मालिकों के लिए एक राहत भरा कदम है।
ईंट भट्ठा उद्योग निर्माण सामग्री का एक प्रमुख व्यवसाय है। इसमें ग्रामीण श्रमिकों को बहुतायत से रोजगार मिलता है। प्रदेश में सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण, सम्बन्धित विभागों के मध्य समन्वय आदि से जुड़ी नई नियमावली में प्रदत्त सुविधाओं से यह उद्योग हजारों युवाओ को रोजगार से जोड़ने मे सक्षम और व्यवस्थित हो सकेगा।
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