जल जीवन मिशन को लेकर सियासी संग्राम: चरखारी विधायक ने अपनी ही सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रोका काफिला, जमकर हुआ हंगामा
जल जीवन मिशन को लेकर सियासी संग्राम: चरखारी विधायक ने अपनी ही सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रोका काफिला, जमकर हुआ हंगामा
रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा
महोबा।
उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद में जल जीवन मिशन योजना में कथित लापरवाही को लेकर शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला, जब चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने अपनी ही सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोक दिया। इस दौरान विधायक ने खुलेआम योजना को विफल करार देते हुए मंत्री से जवाब-तलब किया, जिसके बाद सड़क पर ही राजनीतिक संग्राम छिड़ गया और जमकर नारेबाजी हुई।
शुक्रवार को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जनपद मुख्यालय स्थित एक निजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैसे ही मंत्री का काफिला रवाना हुआ, तभी चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए और मंत्री का काफिला रोक लिया। विधायक ने मंत्री को जिले में जल जीवन मिशन के तहत उखड़ी सड़कों, गांव-गांव में टूटी टोंटियों और पानी न पहुंचने की गंभीर समस्याओं से अवगत कराया।
इस दौरान मंत्री और विधायक आमने-सामने आ गए और तीखी नोंकझोंक शुरू हो गई। विधायक ने मंत्री से कहा कि गांवों में पानी नहीं मिल रहा है और आपकी योजना पूरी तरह विफल है। इस पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि आप बताइए किस गांव में पानी नहीं पहुंच रहा है, मैं कार्यक्रम छोड़कर अभी चलने को तैयार हूं और खुद हालात देखूंगा।
विधायक ने जवाब दिया कि समस्या दो-चार गांवों की नहीं, बल्कि कई गांवों में नलों से पानी नहीं आ रहा है और मंत्री किसी भी गांव की हकीकत देख सकते हैं। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह कार्यक्रम के बाद गांवों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर तत्काल कार्रवाई और निलंबन किया जाएगा।
योजना को लेकर तीखी बहस के बीच दोनों नेताओं के समर्थक भी आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी होने लगी। हालात बिगड़ते देख मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक ब्रजभूषण राजपूत को अपने साथ लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां ग्राम प्रधानों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की गई। वहीं दूसरी ओर, विधायक और मंत्री के समर्थकों को पुलिस ने कलेक्ट्रेट गेट पर ही रोक दिया और अंदर प्रवेश नहीं करने दिया।
बताया जा रहा है कि विधायक ब्रजभूषण राजपूत को लंबे समय से अपने क्षेत्र में पानी न पहुंचने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी को लेकर उन्होंने यह कदम उठाया। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना है, और इसे धरातल पर उतारने के लिए अगर किसी को भी रोकना पड़े तो वह रोकेंगे। यह उनका कर्तव्य है।
विधायक ने कहा कि वह लगातार इस मुद्दे को लेकर पत्राचार कर रहे हैं, सदन में भी सवाल उठा चुके हैं और मंत्री से पूर्व में भी बातचीत कर चुके हैं। मंत्री ने 20 दिन का समय दिया है। अगर काम हुआ तो ठीक, नहीं हुआ तो वह चुप नहीं बैठेंगे।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए कार्यक्रम नहीं, जनता जरूरी है। जनता के काम मेरे लिए सर्वोपरि हैं। मैं जनता के लिए चुना गया हूं और जनता के लिए ही लड़ूंगा। यह अनुशासनहीनता नहीं है।”
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में जल जीवन मिशन को लेकर सरकार की किरकिरी होती दिख रही है और सियासी हलकों में इस टकराव की चर्चा जोरों पर है।
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