यूजीसी के काले कानून पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: पसगवां में उमड़े सैकड़ों लोगों ने न्याय की जीत बताया

यूजीसी के काले कानून पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: पसगवां में उमड़े सैकड़ों लोगों ने न्याय की जीत बताया

यूजीसी के काले कानून पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: पसगवां में उमड़े सैकड़ों लोगों ने न्याय की जीत बताया


​पसगवां (खीरी) | 29 जनवरी, 2026
​यूजीसी (UGC) के विवादित नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले का स्वागत देशभर में हो रहा है। इसी क्रम में आज पसगवां विकास खंड मुख्यालय पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक और युवा इकट्ठा हुए। कोर्ट के फैसले की खबर मिलते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी जीत का जश्न मनाया।
​"अंधेर नगरी" जैसे नियमों से मिली मुक्ति: ग्रामीण
​विकास खंड मुख्यालय ग्राम की सड़कों पर आयोजित बिन बुलाए लोगों की समूह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी के नए नियम समानता के अधिकार का गला घोंट रहे थे और शैक्षणिक संस्थानों में जातिवाद व भेदभाव को बढ़ावा देने वाले थे।
​इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित आलोक शुक्ला और मोहित मिश्रा ने कहा कि यह जीत उन हजारों युवाओं की है जो लंबे समय से इस "काले कानून" के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।​भाजपा के खिलाफ दिखा भारी आक्रोश ​जश्न के बीच लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी भी साफ दिखाई दी। मंडी बाजार में मौजूद आनंद किशोर और शशांक मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार ने सामान्य वर्ग के हितों की अनदेखी की है। भारी भीड़ के बीच सामूहिक स्वर में यह बात कही गई कि:​"यह न्याय की जीत है, लेकिन इस कानून को लाने वाली भाजपा सरकार को हम सबक सिखाएंगे। सामान्य वर्ग अब भाजपा को वोट नहीं करेगा।"​सैकड़ों लोग रहे मौजूद ​कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजदीप, अंकित, प्रमोद सोनी, इंद्रपाल सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासी और छात्र शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने इसे संविधान और न्यायपालिका की जीत बताया। लोगों का तर्क है कि जब तक सरकार सामान्य वर्ग के साथ न्याय नहीं करती और ऐसे भेदभावपूर्ण नियमों को पूरी तरह वापस नहीं लेती, उनका विरोध जारी रहेगा।​सुप्रीम कोर्ट के फैसले की गूँज ​बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2026 के नए यूजीसी नियमों को अस्पष्ट बताते हुए उन पर रोक लगा दी है और 2012 के पुराने नियमों को बहाल करने का आदेश दिया है। इसी फैसले ने पसगवां सहित देश के ग्रामीण इलाकों में भी नई ऊर्जा भर दी है।