जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को सौंपा गया ज्ञापन, महोबा में डीएमएफ निधि से खनिज यूनिवर्सिटी की मांग
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को सौंपा गया ज्ञापन, महोबा में डीएमएफ निधि से खनिज यूनिवर्सिटी की मांग
रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा
महोबा।
राम श्री महाविद्यालय महोबा में आयोजित विद्यार्थी परिषद के युवा उद्घोष कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को जिले में खनिज न्यास (DMF) निधि से खनिज यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए जिले के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया।
वरिष्ठ विद्वान अधिवक्ता एवं पूर्व महामंत्री डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन महोबा उपेन्द्र सुल्लेरे, एडवोकेट चंद्रशेखर स्वर्णकार, अंश सोनी, महोबा डेवलपमेंट एसोसिएशन के संयोजक सतीश अवस्थी सहित अन्य गणमान्यजनों ने संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपते हुए वन डिस्ट्रिक्ट वन यूनिवर्सिटी की अवधारणा के अंतर्गत महोबा में खनिज यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग रखी।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बताया गया कि महोबा जिला गुरु गोरखनाथ जी की तपोभूमि रहा है और ऐतिहासिक, सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में आज भी पिछड़ा हुआ है। जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों की नितांत आवश्यकता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कैबिनेट निर्णय के माध्यम से हर जिले में एक विश्वविद्यालय की सहमति दी जा चुकी है।
बताया गया कि जनपद महोबा खनिज बाहुल्य जिला है, जहां से प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को प्राप्त होता है। ऐसे में जिले के अंश के रूप में प्राप्त डीएमएफ निधि का उपयोग कर यदि खनिज यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाती है, तो इससे न केवल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और महोबा का नाम देश-विदेश में स्थापित होगा।
ज्ञापन में विश्वास व्यक्त किया गया कि जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के प्रयासों से महोबा जिले को खनिज यूनिवर्सिटी की स्वीकृति दिलाने हेतु विशेष पहल होगी।
इस ज्ञापन पर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भारत विशाल शुक्ल, राजकिशोर तिवारी, राजकुमार द्विवेदी, बाबूलाल मिश्रा, शिवपाल सिंह, एडवोकेट अनिल शर्मा, शाहिद सिद्धिकी, संतोष साहू, सर्वेश राजपूत, मनोज कुशवाहा, पत्रकार अनिल सेन, रामानंद सोनकिया, मनीष तिवारी, महेंद्र बादल, त्रिलोक मोहन तिवारी, बलेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, राकेश पटेरिया सहित अनेक विद्वान अधिवक्ताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर शामिल रहे।
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