लखनऊ प्रीमियर लीग में चयन को लेकर खिलाड़ियों का विरोध प्रदर्शन

लखनऊ प्रीमियर लीग में चयन को लेकर खिलाड़ियों का विरोध प्रदर्शन

लखनऊ प्रीमियर लीग में चयन को लेकर खिलाड़ियों का विरोध प्रदर्शन

सुधीर श्रीवास्तव/  वरिष्ठ ब्यूरो 


लखनऊ प्रीमियर लीग की नीलामी में हुई विभिन्न अनियमितताओं ने क्रिकेट जगत को भयंकर आघात पहुंचाया है। लखनऊ के क्रिकेट खिलाड़ियों की नाराजगी अब खुलकर सामने आई है। लखनऊ क्रिकेट एसोसिएशन से संबंध विभिन्न क्रिकेट खिलाड़ियों का आरोप है कि नीलामी में क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ ने बाहरी खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी, जबकि अपने लखनऊ की प्रतिभा को अनदेखा किया गया। इस वजह से कई स्थानीय क्रिकेटर्स न केवल निराश हैं, बल्कि सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन भी कर चुके हैं।

लखनऊ के क्रिकेट खिलाड़ी सवाल उठाते हैं कि अगर अपनी टीम में ही अपने‌ ही हीरो नहीं खेलेंगे तो लखनऊ प्रीमियर लीग का वास्तविक लक्ष्य  क्या रह जाएगा? क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ फिलहाल इस विरोध के सामने बेबस दिखाई दे रहा है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह सिर्फ व्यक्तिगत गुस्सा नहीं, बल्कि लखनऊ की युवा क्रिकेट प्रतिभा की लड़ाई है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में शुक्रवार को लखनऊ के खिलाड़ियों ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ लखनऊ के कार्यालय का घेराव किया। यह विरोध प्रदर्शन लखनऊ प्रीमियर लीग के चयन में  अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर किया गया।

क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह ने आरोप लगाया कि लखनऊ प्रीमियर लीग में लखनऊ के स्थानीय खिलाड़ियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह लीग केवल लखनऊ के पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए बनाई गई है, इसलिए अन्य जनपदों व बाहरी प्रांतों के खिलाड़ियों को इसमें शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

एसोसिएशन के सचिव प्रदीप पांडे ने कहा कि नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और मुरादाबाद जैसे जिलों के खिलाड़ियों को लखनऊ प्रीमियर लीग में शामिल किया जाना नियमों के विरुद्ध है। लखनऊ प्रीमियर लीग का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देना है।

प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों ने अपनी प्रमुख मांगों में लखनऊ प्रीमियर लीग से बाहरी जनपदों के 55 खिलाड़ियों को बाहर करने, क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ की लीग 'एबीसी' के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लखनऊ प्रीमियर लीग में अवसर देने तथा लीग के चयन प्रक्रिया को दोबारा कराने की मांग रखी।

इसके अलावा, खिलाड़ियों ने प्रत्येक फ्रेंचाइज़ी को 18 से 20 खिलाड़ियों को रखने की अनुमति देने और अधिकतम दो बाहरी खिलाड़ियों को शामिल करने की मांग की। साथ ही, पिछले तीन वर्षों से क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ की लीग में भाग ले रहे खिलाड़ियों को ही लखनऊ प्रीमियर लीग में खेलने का अधिकार दिए जाने की मांग की गई।

खिलाड़ियों ने क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 17 फ़रवरी तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे और लखनऊ प्रीमियर लीग का आयोजन नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, लखनऊ क्रिकेट एसोसिएशन में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग भी उठाई गई।