मसौली में द फ्यूचर आफ इंडिया के सदस्यों द्वारा तमाम हाफ़िज़ व मुअज्जिन को किया सम्मानित

मसौली में द फ्यूचर आफ इंडिया के सदस्यों द्वारा तमाम हाफ़िज़ व मुअज्जिन को किया सम्मानित

मसौली में द फ्यूचर आफ इंडिया के सदस्यों द्वारा तमाम हाफ़िज़ व मुअज्जिन को किया सम्मानित


रिज़वान अहमद/ संवादाता रिपब्लिक रेनेसाँ 

मसौली बाराबंकी। पवित्र माह रमज़ान के मुबारक अवसर पर कस्बा मसौली के भूली गंज मस्जिद में द फ्यूचर ऑफ इंडिया ग्रुप के सदस्यों द्वारा इक्कीसवें रमज़ान की रात नमाज़-ए-इशा के बाद एक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कस्बा मसौली की विभिन्न मस्जिदों के इमामों और मुअज्जिनों को फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें मुसल्ला, तस्बीह, टोपी, अंगवस्त्र, बर्तन और मिठाई का डिब्बा भेंट कर उनकी हौसला अफजाई की गई।कार्यक्रम के दौरान मौजूद तमाम मुअज्जिनों और अन्य लोगों को भी फूल-माला पहनाकर मिठाई वितरित की गई। कस्बा निवासी एडवोकेट महफूज़ आलम ने कहा कि अल्लाह ताला रमज़ान के मुबारक महीने में एक नेक काम के बदले सत्तर नेकियां अता करता है। उन्होंने कहा कि यह महीना हम जैसे गुनहगारों के लिए अल्लाह से माफी मांगने का बेहतरीन मौका है। रोज़ा केवल भूखे रहने का नाम नहीं है। बल्कि इंसान के दिल में अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की मोहब्बत होना चाहिए। रोज़ा रखने का मतलब है कि आंखों से गलत चीज़ न देखें, कानों से गलत बात न सुनें और ज़ुबान से गलत शब्द न बोलें। हर रोज़ेदार को इन बातों का ख्याल रखना चाहिए ओर अल्लाह ताला की बारगाह में अपनी इबादत व रोज़े को क़बूल करने की दुआ करनी चाहिए । कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि रमज़ानुल मुबारक के पवित्र महीने में इमामों और मुअज्जिनों का सम्मान करना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने द फ्यूचर ऑफ इंडिया ग्रुप की इस पहल की प्रशंसा करते हुए अल्लाह रब्बुल इज्जत से दुआ की कि वह कमेटी के सभी सदस्यों को कामयाबी अता फरमाए और उनके रोज़ी-रिज़्क में खूब खैर-ओ-बरकत दे।
कार्यक्रम में कस्बे के विभिन्न मस्जिदों के इमाम व मुअज्जिन व कस्बा वासी मौजूद रहे।