भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी आंगनबाड़ी भर्ती?
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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी आंगनबाड़ी भर्ती?
स्नातक को दरकिनार कर इंटर पास का चयन, खीरी में उठ रहे सवाल
दीपक शुक्ला रिपब्लिक रैनेसा
लखीमपुर खीरी: जिले के ब्लॉक अंतर्गत ग्राम नगरा और हन्न खुदा में हाल ही में हुई आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गई है। चयन प्रक्रिया में धांधली और अपारदर्शिता का आरोप लगाते हुए अब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जवाब माँगा गया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता अनुपम भारती (निवासी ग्राम कोतरा) ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि ग्राम नगरा में सहायिका पद के लिए दो मुख्य दावेदार थीं—धन देवी और मनू देवी।
धन देवी: स्नातक (ग्रेजुएट) होने के साथ-साथ उच्च मेरिट वाली अभ्यर्थी थीं।
मनू देवी: केवल इंटरमीडिएट पास थीं।
हैरानी की बात यह है कि अधिक शैक्षणिक योग्यता और बेहतर मेरिट होने के बावजूद धन देवी को ग्राम नगरा से रिजेक्ट कर दिया गया और कम योग्यता वाली मनू देवी का चयन कर लिया गया।
दोहरे मापदंड का आरोप
मामला तब और पेचीदा हो गया जब हन्न खुदा केंद्र पर भी चयन प्रक्रिया शुरू हुई। यहाँ भी धन देवी ने आवेदन किया था, जहाँ उनका चयन कर लिया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि धन देवी हन्न खुदा के लिए योग्य थीं, तो उन्हें उनके अपने क्षेत्र (नगरा) में प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई?
RTI के जरिए माँगे गए सबूत
आवेदिका अनुपम भारती ने लोक सूचना अधिकारी से निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण माँगा है:
चयन का मुख्य आधार क्या था और मेरिट को दरकिनार करने का कारण क्या है?
चयनित अभ्यर्थी की मार्कशीट और चयन समिति की बैठक की कार्यवाही (Minutes of Meeting) की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
भर्ती प्रक्रिया के नियमों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
आगे की कार्यवाही
इस मामले ने क्षेत्र में काफी तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष थी, तो विभाग को दस्तावेज दिखाने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अब सबकी नजरें बाल विकास परियोजना कार्यालय (ICDS) के जवाब पर टिकी हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो मामले को उच्च अधिकारियों तक ले जाने की तैयारी है।
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