मीन महोत्सव से राज्य में मत्स्य पालन को औद्योगिक स्तर पर विकसित करने में मिलेगी मदद - डा0 संजय कुमार निषाद

मीन महोत्सव से राज्य में मत्स्य पालन को औद्योगिक स्तर पर विकसित करने में मिलेगी मदद - डा0 संजय कुमार निषाद

मीन महोत्सव से राज्य में मत्स्य पालन को औद्योगिक स्तर पर विकसित करने में मिलेगी मदद - डा0 संजय कुमार निषाद

दो दिवसीय उ0प्र0 मीन महोत्सव एवं एक्वा एक्सपो 2026 का  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजन

रामकृष्ण मिश्रा / ब्यूरो रिपब्लिक रैऺनैसां

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मत्स्य विभाग द्वारा इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में पहली बार दो दिवसीय मीन महोत्सव (एक्वा एक्सपो) का शुभारम्भ भारत सरकार के केन्द्रीय राज्यमंत्री मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और पंचायतीराज प्रो0 एस0पी0 सिंह बघेल एवं उ0प्र0 के मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ0 संजय कुमार निषाद द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय राज्यमंत्री प्रो0 एस0पी0 सिंह बघेल ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि, उन्नत पशुपालन एवं उन्नत मत्स्य पालन से ही सम्भव है। प्रदेश के मत्स्य मंत्री डा. संजय कुमार निषाद ने कहा कि  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के कुशल मार्गदर्शन व प्रभावी नेतृत्व में प्रदेश सरकार और राज्य के मत्स्य पालकों के प्रयासों से मत्स्य पालन में उत्तर प्रदेश भारत का तीसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक राज्य बन गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मछली में विकास दर 115.5 प्रतिशत है। राज्य का वार्षिक मत्स्य उत्पादन गत 6 वर्षों में दोगुना होकर 13.3 लाख मीट्रिक टन हुआ है। अमृत सरोवरों को मछली पालन योग्य बनाने, तालाबों के पट्टे समय से दिलाने तथा मत्स्य पालन में विज्ञान एवं तकनीकी के उपयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है। अनुदान के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान देकर मत्स्य पालकों के विकास एवं सशक्तीकरण तथा उ.प्र. में एन.एफ.डी.बी के सेन्टर खोलने की दिशा में कार्य करने हेतु कहा गया। सरकार के प्रयासों से विजन-2047 में उ.प्र. अंतर्देशीय मत्स्य पालन में प्रथम राज्य बन जायेगा। मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में मत्स्य विभाग के लिए पहली बार बड़े उपहार की सौगात दी गयी है। मत्स्य पालन से जुड़े किसानों की आय वृद्धि हेतु कुल 114.20 करोड़ की राज्य सहायतित नई मांग के रूप में स्वीकृत की गयी है। प्रदेश में पहली बार मीन महोत्सव-2026 (एक्वा एक्सपो 2026) का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें राज्य एवं राज्य के बाहर से मत्स्य उद्यमी, निवेशक के साथ-साथ वैज्ञानिक, प्रोफेसर, विशेषज्ञ, राज्य एवं केन्द्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री, अधिकारीगण भी सम्मिलित हुए। मंत्री ने कहा कि यह महोत्सव राज्य में मत्स्य पालन को औद्योगिक स्तर पर विकसित करने में मदद करेगा तथा प्रदेश के मत्स्य किसानों एवं मत्स्य उद्यमियों के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध होगा। वैज्ञानिकों एवं उद्यमियों के साथ सीधा संवाद किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ उनकी आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे प्रत्येक मत्स्य किसान एवं मत्स्य उद्यमी को तकनीकी ज्ञान, योजनाओं की जानकारी एवं बाजार से सीधा जुड़ाव होगा। साथ ही प्रदेश की जनता को व्यापार, एक्वा पर्यटन, पोषण सुरक्षा एवं रोजगार का लाभ मिलेगा।