अन्नदाता अब ऊर्जा दाता बन रहा : पीएम मोदी

अन्नदाता अब ऊर्जा दाता बन रहा : पीएम मोदी

अन्नदाता अब ऊर्जा दाता बन रहा : पीएम मोदी

पीएम-किसान की 22वीं किस्त जारी, 9.32 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि ट्रांसफर

 मुश्ताक अली ब्यूरो चीफ 
झाँसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुवाहाटी (असम) से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी की। इस दौरान उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से देशभर के लगभग 9.32 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित की।
इस अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी में भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, अधिकारियों तथा विभिन्न गांवों से आए किसानों ने सहभागिता की।
देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का दिन देश के किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पीएम-किसान योजना के माध्यम से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे खेती के लिए बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक कृषि आदानों की व्यवस्था आसानी से कर पा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत का अन्नदाता नई तकनीकों को अपनाकर आगे बढ़ रहा है और अब “अन्नदाता ऊर्जा दाता भी बन रहा है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों के लोग भारत की इन योजनाओं के बारे में जानकर आश्चर्य व्यक्त करते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में किसानों तक सीधे सहायता कैसे पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश के कई किसानों के पास बैंक खाते तक नहीं थे, लेकिन आज डिजिटल तकनीक और डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से सरकार की सहायता सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में निरंतर नई योजनाएं लागू कर रही है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कुसुम योजना और माइक्रो सिंचाई जैसी योजनाओं से किसानों को लाभ मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की कीमत लगभग 3000 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गई है, लेकिन भारत सरकार किसानों को यह लगभग 300 रुपये में उपलब्ध करा रही है और इसका हजारों करोड़ रुपये का बोझ सरकार स्वयं वहन कर रही है।
उन्होंने प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नैनो यूरिया और उन्नत तकनीकों से मिट्टी की सेहत सुरक्षित रहेगी और किसानों की लागत भी कम होगी। साथ ही सौर ऊर्जा आधारित पंपों के माध्यम से किसान सिंचाई के साथ बिजली उत्पादन से भी जुड़ रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार राय और डॉ. जितेंद्र कुमार तिवारी ने उपस्थित किसानों को उन्नत फसल प्रबंधन, उन्नत बीजों के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा कीट-रोग नियंत्रण के संबंध में उपयोगी जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2019 में प्रारंभ की गई पीएम-किसान योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत अब तक किसानों को लगभग 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
इस अवसर पर डॉ. सुशील कुमार सिंह, डॉ. एसके चतुर्वेदी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. एसएस कुशवाह, डॉ. एमजे डोबरियाल, डॉ. आरपी यादव, डॉ. आशुतोष शर्मा सहित विभिन्न ग्रामों से आए किसान उपस्थित रहे।