श्रीहोलिकोत्सव समिति द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह एवं अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन
श्रीहोलिकोत्सव समिति द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह एवं अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन
सय्यद खालिद महमूद/ ब्यूरो चीफ रिपब्लिक रेनेसाँ
फतेहपुर: श्रीहोलिकोत्सव समिति द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह एवं अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन में देश के नामचीन कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। काव्य पाठ की यह श्रृंखला देर रात तक जारी रही। कस्बे के मिडिल स्कूल प्रांगण में रविवार की रात आयोजित होली मिलन समारोह एव हास्य कवि सम्मेलन का शुभारम्भ नगरपंचायत अध्यक्ष इरशाद अहमद व बार एसोसिएशन के नव-निर्वाचित अध्यक्ष प्रेमचन्द्र पाल ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। काव्य पाठ का शुभारम्भ मां सरस्वती की वन्दना “श्वास बन्द हो या श्वास तन्त्र बन्द हो, परन्तु वन्दनीय वन्दना की वन्दना न बन्द हो” से डा0 ओम शर्मा ओम ने किया। इसके उपरान्त फतेहपुर के सचिन सावरिया ने पढा आज कल उनसे मुलाकात नही होती है, लाख करते हैं मगर बात नही होती है,
चाँद हँसता है फलक पर उन्हें तनहा पाकर,दिन तो ढल जाता है पर रात नहीं होती है ʼʼ छत्तीसगढ़ के हीरामणि वैष्णव ने पढ़ा “डर को भी डर दिखलाते मार डालेगें, पत्थर भी फेके कोई भूल से भी घर में, बाबा बुल्डोजर चलाकर मार डालेगें”, कमल आग्नेय ने सुनाया “चन्द्रयान से आगे बढ़कर सूर्ययान का भारत है, डर-डर कर जीना छोड़ दिया ये स्वाभिमान का भारत है, विश्वगुरू के चरणों में सबको आना होगा क्योंकि समस्याओं की दुनिया है पर समाधान का भारत है”, ओम शर्मा ओम ने पढ़ा “प्रीत के गीत गाये होली में खूब खुशियां मनाएं होली में, बीज नफरत की भावनाओं का आओ मिलकर जलाएं होली में”, लोकेश त्रिपाठी ने सुनाया “रूठ जाएं अगर तो मना लीजिए, चाहे जैसे भी हो अपना बना लीजिए, उसने तुमको रखा देवता की तरह, आज थोड़े नखरे तो उठा लीजिए”, सौरभ जायसवाल ने सुनाया “दोस्ती के कभी जुनून पर नहीं गये, हम जमीं पर रहे मून पर नहीं गये, कभी पहाड़ियों से दे न दे मुझे धक्का, बस इसी डर से हनीमून पर नहीं गये”। कवि प्रमोद पंकज व सचिन सावरिया ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं की वाहवाही लूटी।इससे पूर्व अतिथिगणों को समिति के अध्यक्ष चेतन अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया। केके जैन, कैलाश अग्रवाल, सुरेन्द्र वर्मा, अनिल अग्रवाल, सर्वेश श्रीवास्तव, सचिन जैन, बन्टी निगम, डा0 अन्जू चन्द्रा, नन्हा वर्मा, शशी कुमार वर्मा, विजयराम जायसवाल, नीरज शर्मा सहित सैकड़ों काव्यप्रेमी मौजूद रहे।
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