भारत-अमेरिका कृषि समझौता रद्द करने की मांग, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा

भारत-अमेरिका कृषि समझौता रद्द करने की मांग, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा

भारत-अमेरिका कृषि समझौता रद्द करने की मांग, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा

युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अमन शर्मा ने कहा कि किसानों के हितों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो – हरी सिंह वर्मा, महोबा


महोबा। देशव्यापी आवाहन के तहत गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने भारत-अमेरिका कृषि समझौता नीति को किसान विरोधी बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग उठाई। संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम महोबा शिव ध्यान पांडेय को सौंपा गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष रणजीत सिंह ने की। ज्ञापन में कहा गया कि अमेरिका की खेती भारी सब्सिडी और अत्याधुनिक मशीनों पर आधारित है, जहां बड़े कॉरपोरेट और कोऑपरेटिव फार्म संचालित होते हैं। ऐसी स्थिति में भारत के छोटे और सीमांत किसान प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे, जिससे यह समझौता देश की कृषि व्यवस्था के लिए घातक साबित होगा।
किसान नेताओं ने बताया कि भारत का डेयरी मॉडल छोटे किसानों और ग्रामीण परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। समझौता लागू होने पर दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लाखों परिवार प्रभावित होंगे। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और सब्सिडी व्यवस्था कमजोर पड़ेगी तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अमन शर्मा ने कहा कि किसानों के हितों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस दौरान जिला महामंत्री ईश्वरी प्रसाद तिवारी, जिला सचिव बृजेंद्र सोनकिया, रजनी राठौर, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष माधुरी दीक्षित, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईसाख खान, तहसील अध्यक्ष कमर खान, कोषाध्यक्ष मुन्ना सिंह, पनवाड़ी ब्लॉक अध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष अशोक राजपूत, ग्राम अध्यक्ष कृष्णकांत नायक, ब्लॉक मीडिया प्रभारी शिवनंदन अग्निहोत्री, सीमा यादव, रुचि राजोरिया सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।