विकास कार्य धरातल पर स्पष्ट रूप से नजर आने चाहिए - केशव प्रसाद मौर्य
विकास कार्य धरातल पर स्पष्ट रूप से नजर आने चाहिए - केशव प्रसाद मौर्य
रामकृष्ण मिश्रा / ब्यूरो रिपब्लिक रैऺनैसां
लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह गांव गरीब के लिए संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन और बेहतर ढंग से करें।उन्होंने कहा कि प्रभावी और ठोस रणनीति बनाकर विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सोशल सेक्टर की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति को दिलाने के प्रयास पूरी गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ किया जाए।उन्होंने यह भी कहा कि जो अधिकारी, कर्मचारी अच्छा कार्य करें,उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के पास जनप्रतिनिधि समस्याएं लेकर के जाएं तो उनका समुचित व सम्यक समाधान करें व उन्हें संतुष्ट करें,कोई समस्या यदि उनके स्तर से हल होने वाली नहीं है,तो उसके बारे में भी स्पष्ट रूप से जनप्रतिनिधियों को बताते हुए उन्हें संतुष्ट किया जाए।उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।किसान हितों को सर्वोपरि रखा जाए।विकसित भारत - जी राम जी अधिनियम का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया, इसके बारे में लोगों की भ्रांतियां का भी निवारण किया जाए। केशव प्रसाद मौर्य गुरुवार को सर्किट हाउस फतेहपुर में फतेहपुर की विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक कर रहे थे। अधिकारियों को निर्देशित किया कि डबल इंजन सरकार की समस्त योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता के साथ एवं निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियो को निर्देश दिये कि उत्तर प्रदेश मे 3 करोड़ ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है और एक करोड़ दीदियो को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है।उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर दिया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
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