अपनों से ठुकराई गई बेसहारा महिला पर दबंगों का कहर—छेड़छाड़, खेत कब्जाने की कोशिश और 'धर्मांतरण' का दबाव

अपनों से ठुकराई गई बेसहारा महिला पर दबंगों का कहर—छेड़छाड़, खेत कब्जाने की कोशिश और 'धर्मांतरण' का दबाव

अपनों से ठुकराई गई बेसहारा महिला पर दबंगों का कहर—छेड़छाड़, खेत कब्जाने की कोशिश और 'धर्मांतरण' का दबाव

दीपक शुक्ला/ संवाददाता खीरी

​लखीमपुर खीरी (यूपी): जनपद लखीमपुर खीरी के थाना उचौलिया क्षेत्र से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। यहाँ एक परित्यक्ता (पति द्वारा छोड़ी गई) बेसहारा महिला, जो पहले से ही पारिवारिक दुखों से जूझ रही है, अब गाँव के ही दबंगों के निशाने पर है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एक स्थानीय युवक उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसकी जमीन हड़पना चाहता है और उस पर 'धर्म परिवर्तन' के लिए अनैतिक दबाव बना रहा है।

​क्या है पूरा मामला?

​ग्राम मोहिद्दीनपुर निवासी राजकिशोरी पुत्री नत्थूलाल ने मुख्यमंत्री पोर्टल और पुलिस अधीक्षक को भेजे शिकायती पत्र में अपना दुखड़ा सुनाया है। महिला का आरोप है कि गाँव का ही दबंग मो० सामीन पुत्र अमीन उसकी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा करना चाहता है। बीते 6 फरवरी को आरोपी ने खाद डालने के बहाने महिला को खेत पर बुलाया और वहां उसके साथ अश्लील हरकत (छेड़छाड़) की।


​"पुलिस ने सुनने के बजाय दी डांट-फटकार"

​पीड़िता का आरोप है कि जब वह न्याय की आस में स्थानीय थाना उचौलिया पहुँची, तो पुलिसकर्मियों ने उसकी पीड़ा सुनने के बजाय उसे ही डांट-फटकार कर भगा दिया। महिला ने पुलिस और आरोपी के बीच 'सांठ-गांठ' होने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे उसकी सुरक्षा पर अब बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
​"धर्म परिवर्तन का अनैतिक दबाव"
​दुखिया महिला ने बताया कि आरोपी और उसके परिवार के करीब 10-12 लोग अब उस पर जबरन धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहे हैं। महिला और उसका भाई राहुल इस समय अत्यंत भयभीत हैं। शिकायती पत्र में साफ कहा गया है कि यदि महिला या उसके भाई के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विपक्षी मो० सामीन और स्थानीय पुलिस की होगी।

​मुख्य मांगें:

​अवैध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और छेड़छाड़ की धाराओं में तत्काल FIR दर्ज हो।
​मामले की निष्पक्ष जांच किसी उच्चाधिकारी से कराई जाए।
​बेसहारा महिला और उसके भाई को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए।
​पति द्वारा छोड़े जाने के बाद समाज में अकेले संघर्ष कर रही इस महिला के लिए यह लड़ाई अब अस्तित्व की बन गई है। शासन-प्रशासन की चुप्पी इस मामले में कई सवाल खड़े कर रही है इस संबंध में थाना उचौलिया पुलिस से बात करने का काफी प्रयास किया गया पर उनका वर्जन नहीं मिल सका।