गांधीवादी चिंतक राजनाथ सर्वसम्मति से चुने गए लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति के संरक्षक
गांधीवादी चिंतक राजनाथ सर्वसम्मति से चुने गए लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति के संरक्षक
देश में व्याप्त जातीय और धार्मिक उन्माद को बताया विकास के लिए घातक
लोकतंत्र सेनानियों को भारत सरकार दे राष्ट्रीय पहचान पत्र
सैफ मुख्तार/ संवादाता रिपब्लिक रेनेसाँ
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति के तत्वावधान में चले रहे चिंतन शिविर के दूसरे दिन गांधी भवन में देश विदेश में व्याप्त गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। उसके निदान के लिए गांधीवादी तरीके से जनजागरण और संघर्ष करने का संकल्प लिया गया। चिंतन शिविर में लोकतंत्र सेनानियों की निजी समस्याओं पर भी मंथन किया गया और उसके निदान के लिए दिल्ली में सम्मेलन कर भारत सरकार को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों ने डॉ राममनोहर लोहिया के साथ पांच वर्षो तक सतत संघर्ष में शामिल रहे गांधीवादी चिन्तक, समाजवादी योद्धा और लोकतंत्र सेनानी राजनाथ शर्मा को लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति का संरक्षक चुना गया।बुधवार को चिंतन शिविर का दूसरा दिन था। शिविर का उद्घाटन लोकतंत्र सेनानी धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव, नरेश शर्मा, देवी प्रसाद पाठक, श्रीमती कान्ति वाजपेयी, सुभाष उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया। सभा की अध्यक्षता और संचालन लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति के अध्यक्ष रामसेवक यादव ने किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में अमेरिका, रूस और चीन की दादागीरी से अन्य देश परेशान है। इसकी वजह से हर पल विश्व युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि विश्व युद्ध कहीं हो लेकिन उसका परिणाम पूरे विश्व को झेलना पड़ेगा। इसी तरह देश में धार्मिक और जातीय उन्माद घटने की जगह रोज बढ़ रहा है, जो देश की एकता और अखंडता के लिए घातक है। वक्ताओं ने कहा कि हम लोकतंत्र सेनानी वृद्ध जरूर हैं, हम सड़क पर संघर्ष करने की उम्र में नहीं हैं लेकिन इसके लिए जनजागरण कर सकते है। ताकि नई पीढ़ी वैश्विक और राष्ट्रीय खतरे के खिलाफ आवाज उठा सके। चिंतन शिविर में लोकतंत्र सेनानियों के जीवन में व्याप्त गम्भीर समस्याओं पर भी चर्चा की गई। खासतौर से इलाज की। वर्तमान में मिला आयुष्मान कार्ड इलाज में कारगर नहीं है। सरकार को इस कार्ड की व्यवहारिक स्थिति से अवगत कराने की एक राय बनी। इस अवसर पर यह भी कहा गया कि जो लोग आपातकाल में बंद रहे है। उनकी इस बंदी की वजह से केवल उनका नहीं, उनकी अगली पीढ़ी का भी जीवन प्रभावित हुआ है। इसके निदान के लिए पेंशन के अतिरिक्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को मिलने वाली सभी सुविधाओं के साथ लोकतंत्र सेनानियों को भारत सरकार से राष्ट्रीय पहचान पत्र देने की मांग की गई। चिंतन शिविर का समापन गुरूवार को सुबह 10 बजे खुले समारोह में होगा। इस अवसर पर नए दायित्व के लिए गांधीवादी चिंतक और समिति के संरक्षक राजनाथ शर्मा को लोकतंत्र सेनानी गौरव सम्मान से विभूषित किया जाएगा। चिंतन शिविर में लोकतंत्र सेनानी सर्वश्री सीताराम गुप्ता, राम प्रकाश शर्मा, बनवारी लाल, दयाराम ठाकुर, फूल सिंह, अजय सिंह गुरूजी, राम अधार यादव ने भी आज विमर्श में भाग लिया।चिन्तन शिविर की व्यवस्था में विनय कुमार सिंह, पाटेश्वरी प्रसाद, ज्ञान सिंह यादव, सत्यवान वर्मा, विजय कनौजिया, अशोक जायसवाल, रंजय शर्मा आदि कई लोग प्रमुख रहे।
admin