केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने एनबीएफजीआर में प्रगति की समीक्षा की

केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने एनबीएफजीआर में प्रगति की समीक्षा की

केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने एनबीएफजीआर में प्रगति की समीक्षा की


 
रामकृष्ण मिश्रा / ब्यूरो रिपब्लिक रैऺनैसां

लखनऊ। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी और पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने मंगलवार को आईसीएआर -एनबीएफजीआर, लखनऊ का दौरा किया। माननीय मंत्री ने एक प्रगति समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और संस्थान के वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ बातचीत की। विचार-विमर्श महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित था, जिसमें मछली आनुवंशिक संसाधनों का संरक्षण, अत्याधुनिक अनुसंधान पहल, आधुनिक तकनीकों का एकीकरण और मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत विकास के लिए रणनीतियां शामिल हैं। प्रो. बघेल ने वैज्ञानिकों की उनके समर्पित कार्य के लिए सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने, मछली किसानों और संबंधित समुदायों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण में सार्थक योगदान देने के लिए निरंतर अनुसंधान और नवाचार आवश्यक हैं। संस्थान कर निदेशक डॉ. काजल चक्रवर्ती ने संस्थान की प्रमुख गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप को रेखांकित करते हुए एक प्रस्तुति दी। बैठक में रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) की उभरती चुनौती और मत्स्य पालन क्षेत्र पर इसके संभावित दीर्घकालिक प्रभाव पर गहन चर्चा भी शामिल थी। प्रो. बघेल ने आईसीएआर -एनबीएफजीआर के एससीएसपी घटक के तहत कॉलेज ऑफ फिशरीज साइंस, गुमला में चल रही झारखंड की महिला प्रशिक्षुओं के साथ ऑनलाइन बातचीत भी की। प्रो. बघेल ने मत्स्य पालन में वैज्ञानिक प्रगति को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और रोजगार के पर्याप्त नए अवसर पैदा करने के लिए एक प्रमुख स्तंभ बताया।