​ऑपरेशन मिडनाइट: इंस्पेक्टर जितेंद्र का मास्टरस्ट्रोक

​ऑपरेशन मिडनाइट: इंस्पेक्टर जितेंद्र का मास्टरस्ट्रोक

​ऑपरेशन मिडनाइट: इंस्पेक्टर जितेंद्र का मास्टरस्ट्रोक

दीपक शुक्ला/रिपब्लिक रैनैसां


 पसगवां :  ​अंधेरी रात के सन्नाटे को चीरती हुई एक पुलिस जीप पसगवां की सड़कों पर दौड़ रही थी। स्टेयरिंग पर हाथ जमाए इंस्पेक्टर पसगवां जितेंद्र प्रताप सिंह की नज़रें सड़क से ज्यादा अपने दिमाग में चल रहे केस की गुत्थियों पर टिकी थीं। उनके लिए यह सिर्फ एक लूट की वारदात नहीं थी, बल्कि कानून को दी गई एक सीधी चुनौती थी।

​जांबाज अफसर का संकल्प

​घटना 24 फरवरी की थी। पीड़ित सुनील यादव से सरेराह मारपीट कर मोबाइल और पैसे छीन लिए गए थे। अपराधी शातिर थे, उन्होंने पीछे कोई सुराग नहीं छोड़ा था। लेकिन जितेंद्र प्रताप सिंह अपनी "शार्प विजन" के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने थाने पहुंचते ही अपनी टीम राजू सागर, विशाल, धर्मेन्द्र और राहुल—को एक ही बात कही: "अपराधी चाहे पाताल में छिपे हों, सुबह का सूरज उन्हें सलाखों के पीछे ही देखना चाहिए।"

​बहादुरी और बुद्धिमानी का संगम

​जितेंद्र जानते थे कि बिना ठोस सूचना के अंधेरे में हाथ मारना बेकार है। उन्होंने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। तभी एक खास खबर मिली—लूट के तीनों संदिग्ध मोहम्मदी-पसगवां बॉर्डर के पास भागने की फिराक में हैं।

​वक्त कम था

 जितेंद्र प्रताप सिंह ने तुरंत अपनी टीम को घेराबंदी के निर्देश दिए। जब वे बॉर्डर पर पहुँचे, तो तीन साये मोटरसाइकिल पर भागने की कोशिश कर रहे थे। जितेंद्र ने बिना डरे अपनी जीप उनके आगे अड़ा दी और गरजती आवाज में बोले: "रुक जाओ! कानून के हाथ तुम्हारे भागने के रास्तों से कहीं ज्यादा लंबे हैं।"

​अनावरण और न्याय

​रात के ठीक 11:58 बजे थे। जितेंद्र की तत्परता रंग लाई। तीनों अभियुक्त—जीसान, सुमित और मास्टरमाइंड अवधेश यादव—पुलिस की गिरफ्त में थे।
​पूछताछ के दौरान जब अवधेश ने अपनी 'सुपारी' वाली साजिश की कहानी सुनाई, तो जितेंद्र की आँखों में न्याय की चमक थी। उन्होंने न केवल लूटा हुआ मोबाइल और ₹4500 बरामद किए, बल्कि उस मोटरसाइकिल को भी जब्त किया जिससे अपराधी खौफ फैला रहे थे।
​जनता का भरोसा
​सुबह जब इलाके के लोगों को पता चला कि चंद घंटों के भीतर ही जांबाज इंस्पेक्टर ने केस सुलझा लिया है, तो हर तरफ उनकी चर्चा होने लगी। जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पसगवां पुलिस के रहते अपराधी कभी चैन की नींद नहीं सो पाएंगे।