ईरान का ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस हुआ शुरू

ईरान का ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस हुआ शुरू

ईरान का ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस हुआ शुरू

ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत 'अब्राहम लिंकन' पर दागी बैलिस्टिक मिसाइलें


सुधीर श्रीवास्तव/  संपादक

इसराइल और अमेरिका के जुड़े लक्ष्यों के खिलाफ की गई अमेरिकी कार्यवाही के विरोध में ईरान ने ऑपरेशन टु प्रॉमिस अभियान शुरू कर दिया है। इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के सशस्त्र बलों द्वारा हाल ही में अमेरिका और इज़राइल से जुड़े लक्ष्यों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद की जा रही है। बयान में कहा गया है कि अमेरिकी नौसेना के पोत अब्राहम लिंकन को इसी अभियान के तहत निशाना बनाया गया। यह ईरान की तरफ से अमेरिका पर बड़ा सख्त पलटवार किया गया है। 

ईरान ने अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को चार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआऱएनए और आईआरजीसी के बयान से यह दावा किया गया है कि 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के तहत ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने अमेरिकी-इजरायली टारगेट्स पर कार्रवाई की है। आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के सशस्त्र बलों द्वारा हाल ही में अमेरिका और इज़राइल से जुड़े लक्ष्यों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद की गई। बयान में कहा गया है कि अमेरिकी नौसेना के पोत को इसी अभियान के तहत निशाना बनाया गया।

 बयान में आगे कहा गया है कि सशस्त्र बल सैन्य टकराव के एक "नए चरण" में प्रवेश कर चुके हैं और ज़मीन और समुद्र पर अभियान तेज किए जाएंगे।एस अब्राहम लिंकन अमेरिका के सबसे विनाशक एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक है। यह न्यूक्लियर पावर से चलता है। इसका वजन 1 लाख टन से ज्यादा है। इस पर करीब 5000 सैनिक हर वक्त तैनात रहते हैं और इसमें 60 से 70 लड़ाकू विमान मौजूद रहते हैं। 

इस पोत अब्राहम लिंकन के साथ पूरा एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप शामिल होता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत यही है कि इसका एयर विंग जहां से F18 सुपर हॉर्नेट F35 स्टिल्ट फाइटर जेट EA 18G ग्राउलर इलेक्ट्रॉनिक वॉलयर एयरक्राफ्ट E2D हॉक आई सर्वििलांस विमान और एमए6 सीहॉक हेलीकॉप्टर उड़ान भरते हैं और यही वजह है कि यह एयरक्राफ्ट कैरियर जमीन समुद्र और आसमान तीनों जगह युद्ध करने में सक्षम है। यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिका का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत है, जो चलता-फिरता हवाई अड्डा माना जाता है। इससे कई तरह के अभियान एक साथ संभव हैं।